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    चौथी मोहर्रम पर प्रयागराज में गूंजा ग़म-ए-हुसैन, मजलिसों और जुलूसों में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़

    प्रयागराज में माहे मोहर्रम की चौथी तारीख पर शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और अज़ाखानों में मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां करबला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। शाहगंज के पानदरीबा स्थित इमामबाड़ा सफदर अली बेग में अशरे की चौथी मजलिस के बाद हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के वफादार घोड़े ज़ुलजनाह की शबीह बड़े एहतेराम के साथ निकाली गई। सफेद चादर को प्रतीकात्मक रूप से लाल रंग से सजाकर उस पर गुलाब और चमेली के फूल चढ़ाए गए, जिसकी अकीदतमंदों ने ज़ियारत की।
    मजलिस में मिर्ज़ा चंगेज़ और मिर्ज़ा जहांगीर ने मर्सिया पेश किया, जबकि मौलाना सैय्यद आमिरुर रिज़वी ने करबला की शहादत और उसके संदेश पर विस्तार से रोशनी डाली। अंजुमन अब्बासिया के नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश कर माहौल को गमगीन बना दिया। इस अवसर पर रानी मंडी, चक जीरो रोड, बख्शी बाजार, करैली, करैलाबाग, दरियाबाद, रौशनबाग और अन्य क्षेत्रों में भी मजलिसें आयोजित कर शहीदान-ए-करबला को याद किया गया।
    दरियाबाद स्थित असगर मंजिल में आयोजित चौथी मजलिस को भी मौलाना आमिरुर रिज़वी ने संबोधित किया। यहां शबीह-ए-ज़ुलजनाह की ज़ियारत कराई गई और शादाब हुसैन द्वारा पेश की गई मार्मिक सवारी ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। अंजुमन नक़विया रजिस्टर्ड के नौहों और मातम ने पूरे माहौल को ग़म में डुबो दिया। कार्यक्रम में हसन नक़वी, रौनक सफीपुरी, शफकत अब्बास पाशा और सैय्यद मोहम्मद अस्करी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    हज़रत अली अकबर के ताबूत के साथ निकला कदीमी जुलूस

    दरियाबाद स्थित स्वर्गीय सैय्यद मुज़फ्फर हुसैन के इमामबाड़े से चौथी मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस पूरी अकीदत के साथ निकाला गया। जुलूस कमाल खां के टेकरे से होता हुआ मस्जिद इमाम-ए-रज़ा पहुंचा और वहां से दरगाह हज़रत अब्बास पर जाकर सम्पन्न हुआ। जुलूस से पूर्व ज़ाकिर-ए-अहलेबैत अशरफ अब्बास खां ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस में हज़रत अली अकबर के ताबूत की शबीह और अलम भी शामिल रहे। विभिन्न अंजुमनों के नौहाख्वानों ने नौहे पढ़ते हुए मातम किया।

    पांचवीं मोहर्रम के कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी

    अंजुमन गु़न्चा-ए-कासिमया बख्शी बाजार की ओर से पांचवीं मोहर्रम के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी जारी की गई है। पानदरीबा स्थित इमामबाड़ा सफदर अली बेग, चक जीरो रोड के इमामबाड़ा डिप्टी ज़ाहिद हुसैन और सब्जी मंडी स्थित अज़ाखाने में मजलिसों के बाद नौहा व मातम का नजराना पेश किया जाएगा।

    वहीं दरियाबाद पठनवल्ली स्थित ऐतिहासिक इमामबाड़ा अबुल हसन में भी पांचवीं मोहर्रम की मजलिस आयोजित होगी, जिसे खतीब-ए-अहलेबैत रज़ा हसनैन एडवोकेट संबोधित करेंगे। मजलिस के बाद शबीह-ए-ज़ुलजनाह निकाली जाएगी तथा विभिन्न अंजुमनों द्वारा नौहा-ख्वानी और मातम पेश किया जाएगा।


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