मीट-मांस का प्रस्ताव सार्वजनिक करें या माफी मांगें, महापौर को कांग्रेस की चुनौती
जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस को बदनाम कर रही भाजपा: राघवेन्द्र चौबे
- दिलीप कुमार/मोहम्मद रिजवान
वाराणसी :- महानगर कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस पार्षद दल ने बुधवार को मैदागिन स्थित राजीव भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित कर नगर निगम और शहर के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर भाजपा और महापौर पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम की विफलताओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पार्षद दल के खिलाफ झूठा प्रचार किया जा रहा है।पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से यह प्रचारित किया जा रहा है कि वाराणसी शहर से मीट-मांस की दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल की ओर से दिया गया था। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम में ऐसा कोई प्रस्ताव कभी नहीं रखा।
उन्होंने महापौर अशोक तिवारी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास ऐसा कोई प्रस्ताव है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। बताया जाए कि यह प्रस्ताव कब, किस बैठक में और किस दस्तावेज के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था। यदि महापौर ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें काशी की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
गुलशन अंसारी ने कहा कि कांग्रेस समाज को जोड़ने की राजनीति करती है, जबकि भाजपा समाज में विभाजन और भ्रम पैदा करने का काम कर रही है। नगर निगम की बदहाल व्यवस्था, सफाई संकट, जलनिकासी और नागरिक सुविधाओं की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि काशी की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत से है। यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से सौहार्द के साथ रहते आए हैं। ऐसे में महापौर के भ्रामक बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले हैं।
गुलशन अंसारी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल ने केवल सावन और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए कुछ दिनों के लिए मीट-मांस की दुकानों को बंद रखने का सुझाव दिया था। लेकिन उस सुझाव को तोड़-मरोड़कर पूरे शहर से दुकानों को बाहर करने के प्रस्ताव के रूप में पेश किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।
वहीं, महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। नगर निगम की अव्यवस्था, सफाई व्यवस्था की बदहाली, जलभराव, सीवर समस्या और विकास कार्यों की धीमी गति से शहर की जनता परेशान है। इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय भाजपा नए-नए विवाद खड़े कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी धर्म, समुदाय या व्यवसाय विशेष के खिलाफ नहीं है। पार्टी संविधान की मूल भावना और सभी वर्गों के सम्मान में विश्वास करती है। काशी की सांस्कृतिक विविधता और साझा विरासत को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि महापौर को बयानबाजी और विवादों की राजनीति छोड़कर नगर निगम की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पत्रकार वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी काशी की गंगा-जमुनी संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
बैठक के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पार्टी और पार्षद दल के खिलाफ झूठा प्रचार जारी रहा तो कांग्रेस व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता तक सच्चाई पहुंचाएगी और नगर निगम की विफलताओं को घर-घर तक ले जाएगी।
पत्रकार वार्ता में महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, पार्षद दल नेता गुलशन अंसारी, रमजान अली, अफरोज अंसारी, असलम खान, वकाश अंसारी, राज खान, बेलाल अंसारी, तुफैल अंसारी, अरशद लड्डू, अब्दुल हमीद डोडे, किशन यादव, मो. उज्जैर, किशन गुप्ता और कृष्णकांत तिवारी समेत अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।


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