हिमाचल में देर रात भूकंप के तेज झटकों से दहशत, शिमला समेत कई जिलों में कांपी धरती
रात 10:04 बजे महसूस किए गए झटके, चंबा रहा केंद्र; 5 किलोमीटर गहराई पर दर्ज हुई भूगर्भीय हलचल
शिमला :- हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार देर रात भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में रात करीब 10:04 बजे अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई है।
मौसम और भूकंप विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र चंबा जिले में स्थित था। इसका स्थान 32.289 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.434 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। भूकंप की गहराई जमीन से महज 5 किलोमीटर नीचे थी, जिसके कारण इसके झटके सतह पर काफी तेज महसूस किए गए।
शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा में महसूस हुआ कंपन
भूकंप का असर शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा समेत कई आसपास के इलाकों में देखा गया। अचानक आए झटकों के बाद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि देर रात तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई सूचना सामने नहीं आई थी। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है चंबा क्षेत्र
विशेषज्ञों के अनुसार, चंबा जिला भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां भौगोलिक गतिविधियों के कारण पहले भी कई बार मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं।
क्या वजह बनती है भूकंप की?
विशेषज्ञ बताते हैं कि धरती कई परतों से बनी है और इसकी ऊपरी सतह अनेक टेक्टोनिक प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें लगातार धीमी गति से गतिशील रहती हैं। जब इन प्लेटों के बीच टकराव या दबाव अधिक बढ़ जाता है, तो ऊर्जा के अचानक निकलने से भूकंप उत्पन्न होता है। भूकंप की तीव्रता जितनी अधिक होती है, उसके प्रभाव और नुकसान की आशंका भी उतनी बढ़ जाती है।

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