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    धर्मनगरी काशी पहुंचे ईशांत शर्मा, पूजा-पाठ और गंगा आरती में आए नजर


    वाराणसी :-
    भारतीय क्रिकेट टीम के वरिष्ठ तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा आईपीएल सीजन समाप्त होने के बाद धार्मिक यात्रा पर वाराणसी पहुंचे। काशी पहुंचने के बाद उन्होंने विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया और शहर की आध्यात्मिक परंपराओं में हिस्सा लिया।
    दौरे के दौरान उन्होंने पहले काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के दर्शन किए और फिर काल भैरव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करीब आधे घंटे तक "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप किया। मंदिर के पुजारी द्वारा विशेष पूजन भी कराया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिकता और यहां का वातावरण उन्हें अलग तरह की शांति का अनुभव कराता है।

    दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आराधना

    इसके बाद ईशांत शर्मा दशाश्वमेध घाट पहुंचे, जहां उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने दूध से अभिषेक किया और गंगा आरती में शामिल हुए। आरती के दौरान वह श्रद्धालुओं के बीच बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ घंटी बजाते नजर आए। उनके साथ गुजरात टीम के निदेशक भी मौजूद रहे।

    घाट पर मौजूद लोगों ने अपने बीच क्रिकेटर को देखकर उत्साह दिखाया और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। उन्होंने बताया कि वह पहले भी कई बार गंगा आरती में शामिल हो चुके हैं और जब भी वाराणसी आने का अवसर मिलता है, वह यहां जरूर पहुंचने का प्रयास करते हैं।

    वाराणसी से जुड़ा है पारिवारिक रिश्ता

    ईशांत शर्मा का वाराणसी से पारिवारिक संबंध भी है। उन्होंने वाराणसी निवासी और भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान प्रतिमा सिंह से विवाह किया है। प्रतिमा देश के चर्चित "सिंह सिस्टर्स" परिवार से जुड़ी हैं। इसी वजह से उनका काशी से विशेष लगाव रहा है और वह समय-समय पर यहां आते रहते हैं।

    आईपीएल में इस सीजन नहीं मिला मौका

    आईपीएल के हालिया सीजन में ईशांत शर्मा को एक भी मुकाबला खेलने का अवसर नहीं मिला। टीम प्रबंधन ने युवा खिलाड़ियों पर अधिक भरोसा जताया, जिसके चलते वह पूरे टूर्नामेंट के दौरान प्लेइंग इलेवन से बाहर रहे। हालांकि पिछले सीजन में उन्होंने सीमित मैचों में टीम के लिए योगदान दिया था।

    भारतीय क्रिकेट का अनुभवी चेहरा

    ईशांत शर्मा भारतीय क्रिकेट के उन तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं जिन्होंने लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व किया है। अपने कद, गति और अनुभव के दम पर उन्होंने टेस्ट, वनडे और टी-20 तीनों प्रारूपों में कई यादगार प्रदर्शन किए हैं और भारतीय तेज गेंदबाजी को नई पहचान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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