मांस-मछली की दुकानों के स्थानांतरण के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी :- नगर निगम द्वारा शहर क्षेत्र में संचालित मांस, मछली एवं पोल्ट्री दुकानों के प्रस्तावित स्थानांतरण के विरोध में गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। साझा संस्कृति मंच के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने मार्च निकालकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (सदर) शिवानी सिंह को सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नगर निगम का यह निर्णय हजारों छोटे व्यापारियों, मछुआरा समुदाय, बंगाली समाज, मुस्लिम समुदाय तथा अन्य परंपरागत व्यवसायों से जुड़े लोगों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना व्यापक संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को हटाने की योजना से बड़ी संख्या में परिवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के उद्देश्य का वे विरोध नहीं करते, लेकिन इसके नाम पर छोटे व्यवसायियों को विस्थापित करना उचित नहीं है। उनका सुझाव है कि नगर निगम दुकानों के संचालन के लिए स्पष्ट मानक तय करे, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराए तथा स्वच्छता संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करे।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता में विभिन्न समुदायों की खान-पान संबंधी परंपराओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में किसी भी निर्णय से पहले संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।
ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से प्रस्तावित योजना पर पुनर्विचार करने तथा प्रभावित व्यापारियों और समुदायों के साथ संवाद स्थापित कर समाधान निकालने की मांग की।
कार्यक्रम में सतीश सिंह, रामजन्म यादव, डॉ. अनूप श्रमिक, संजीव सिंह, विनय राय ‘मुन्ना’, नेविश, अब्दुल्ला, नीरज, अनंत, डॉ. छेदी लाल निराला एवं मनीष शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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