वाराणसी में कड़ी सुरक्षा के बीच सकुशल संपन्न हुई NEET-UG 2026 परीक्षा, 93.36 फीसदी अभ्यर्थी हुए शामिल
वाराणसी :- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 रविवार को वाराणसी के 47 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट की टीम पूरे दिन सक्रिय रही। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।25,480 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 23,787 ने दी परीक्षादोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित परीक्षा के लिए जिले में कुल 47 केंद्र बनाए गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 25,480 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 23,787 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 1,693 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार जिले में परीक्षा का प्रतिशत 93.36 दर्ज किया गया।कंट्रोल रूम से सीसीटीवी निगरानी पर रखी गई नजरजिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जेपी मेहता नगर निगम इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट से परीक्षा संबंधी जानकारी ली तथा कॉलेज के डिजिटल कंट्रोल रूम पहुंचकर विभिन्न परीक्षा कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज का अवलोकन किया। डीएम ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा के दौरान सभी दिशा-निर्देशों का पालन हो और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि परीक्षा समाप्ति से लेकर ओएमआर शीट की सीलिंग तक पूरी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने दूरस्थ केंद्रों की स्थिति की जानकारी भी लगातार फोन के माध्यम से प्राप्त की।
केंद्रों के बाहर रही अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज केंद्र पर संदिग्ध अभ्यर्थी गिरफ्तार
इसी बीच मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान एक संदिग्ध अभ्यर्थी को हिरासत में लिया गया। प्रवेश से पहले की जा रही फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक जांच के दौरान उसके अंडरगारमेंट्स से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पुराना NEET प्रश्नपत्र और ग्लू जैसी संदिग्ध सामग्री बरामद हुई।पुलिस पूछताछ में अभ्यर्थी ने अपनी पहचान बलिया निवासी प्रिंस दुबे के रूप में बताई। उसने बताया कि वह मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है और परीक्षा देने वाराणसी आया था।
सॉल्वर गैंग से संबंध की आशंका, जांच जारी
पुलिस और जांच एजेंसियां बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में बरामद प्रश्नपत्र पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी किसी सॉल्वर गैंग या संगठित परीक्षा माफिया के संपर्क में हो सकता है। फिलहाल पुलिस उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है और बरामद सामग्री के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
प्रशासन ने कहा—निष्पक्ष और पारदर्शी रही परीक्षा








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