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    राम मंदिर चढ़ावा विवाद की जांच में जुटी SIT, अयोध्या सांसद ने उठाए सवाल; इकबाल अंसारी बोले- सच सामने आएगा

    अयोध्या :-
    राम मंदिर की दान पेटिका में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने सोमवार से अपनी कार्रवाई शुरू कर दी। टीम दोपहर में अयोध्या पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और वित्तीय अभिलेखों की पड़ताल में जुट गई। इस बीच जांच को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    सरकार ने SIT को निर्देश दिया है कि वह एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करे। बताया जा रहा है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से मामले की जांच कराने का अनुरोध किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT के गठन को मंजूरी दी थी।
    वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, इसलिए इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित समिति से कराई जानी चाहिए। उन्होंने SIT की निष्पक्षता पर भरोसा न जताते हुए कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस मामले में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है।

    अवधेश प्रसाद ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट की भूमिका की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

    दूसरी ओर, बाबरी मस्जिद पक्ष के पूर्व पैरोकार रहे इकबाल अंसारी ने SIT जांच का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और जांच के बाद सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे। अंसारी ने विश्वास जताया कि जांच निष्पक्ष होगी और सच्चाई सामने आने पर सभी संदेह दूर हो जाएंगे।

    धार्मिक संतों ने भी मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है। साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। वहीं हनुमानगढ़ी के महंत डॉ. देवेशाचार्य जी महाराज ने SIT के गठन का स्वागत करते हुए कहा कि जांच से वास्तविक स्थिति सामने आएगी और अफवाहों पर भी विराम लगेगा।

    राम मंदिर की दान व्यवस्था को लेकर उठे इस विवाद पर अब सभी की नजरें SIT की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे मामले की वास्तविकता सामने आने की उम्मीद की जा रही है।

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