यूपी में प्रशासनिक फेरबदल जारी, 10 से ज्यादा पीसीएस अधिकारियों के तबादले, कई जिलों में बदले गए एसडीएम
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए देर रात 10 से अधिक पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। जारी तबादला सूची के अनुसार कई जिलों में उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) की नई तैनाती की गई है।
नई सूची में पुष्पेंद्र पटेल को अंबेडकरनगर का एसडीएम बनाया गया है। सुरभि शर्मा को बागपत, प्रतिभा मिश्रा को कानपुर देहात, शुभम यादव को बुलंदशहर और गोपाल शर्मा को बरेली में उपजिलाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं लवलीत कौर को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा मिथलेश कुमार तिवारी को मैनपुरी, देवेंद्र प्रताप सिंह को झांसी, अजेंद्र सिंह को कौशांबी से स्थानांतरित कर उन्नाव तथा प्रज्ञा पांडेय को बाराबंकी में एसडीएम के पद पर तैनात किया गया है।
तीन दिन पहले 20 आईएएस अधिकारियों का भी हुआ था तबादला
इससे पहले राज्य सरकार ने सचिव, विशेष सचिव और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) स्तर के करीब 20 आईएएस अधिकारियों का भी तबादला किया था। इस फेरबदल में आजमगढ़, बलिया और इटावा के मुख्य विकास अधिकारियों को बदला गया था, जबकि पीसीएस से पदोन्नत होकर आईएएस बने कई अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
सुधा वर्मा को श्रमायुक्त, डॉ. सारिका मोहन को महानिरीक्षक निबंधन तथा नेहा शर्मा को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाया गया। वहीं अरुण कुमार को उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन का मिशन निदेशक नियुक्त किया गया।
संस्कृति, ऊर्जा और राजस्व विभागों में भी बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल के तहत दीपिका रंजन को विशेष सचिव संस्कृति विभाग बनाया गया है। संजय कुमार प्रथम को निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि विशाल सिंह को संस्कृति निदेशक के दायित्व से मुक्त किया गया है।
ऊर्जा विभाग में संदीप भागिया को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वहीं परीक्षित खटाना को अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्धनगर और राकेश कुमार पटेल को मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बलिया और इटावा में नए सीडीओ की नियुक्ति
बलिया में आलोक कुमार को नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है, जबकि इटावा में संजय कुमार सिंह को सीडीओ की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कई अन्य विभागों और जिलों में भी अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव करते हुए नई तैनातियां की गई हैं।
प्रदेश सरकार के इस ताजा प्रशासनिक फेरबदल को शासन व्यवस्था में कार्यकुशलता बढ़ाने और विभिन्न विभागों में प्रशासनिक संतुलन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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