कम बारिश से रिहंद बांध का जलस्तर 12.7 फीट घटा, बिजली उत्पादन पर मंडराया संकट; कनहर बांध के तीन फाटक खोले गए
सोनभद्र जिले के कैचमेंट क्षेत्र में इस वर्ष अपेक्षित बारिश नहीं होने का असर रिहंद बांध पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले तीन महीनों में रिहंद जलाशय का जलस्तर 12.7 फीट घटकर 842.8 फीट पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी सामान्य से कम वर्षा हुई तो इसका सीधा असर ऊर्जांचल की तापीय विद्युत परियोजनाओं और बिजली उत्पादन पर पड़ सकता है।
इस वर्ष जुलाई की शुरुआत में रिहंद बांध का जलस्तर 842.8 फीट दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 846 फीट था। बीते दो वर्षों में जून महीने के दौरान कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से जलाशय का जलस्तर सामान्य बना रहा था, लेकिन इस बार जून में बारिश कम होने के कारण जलस्तर लगातार गिरता गया।दरअसल, भीषण गर्मी के दौरान प्रदेश में बिजली की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। मई महीने में पहली बार बिजली की मांग 30 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई थी। मांग पूरी करने के लिए तापीय विद्युत परियोजनाओं को लगातार पानी उपलब्ध कराया गया, जिससे रिहंद जलाशय से बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा गया और जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज होती रही।
जलस्तर के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल की शुरुआत में रिहंद बांध का स्तर 855.4 फीट था, जो मई की शुरुआत में 852.5 फीट, जून की शुरुआत में 848.1 फीट और जुलाई के आरंभ में घटकर 842.8 फीट रह गया। यानी मात्र तीन महीनों में जलस्तर 12.7 फीट नीचे आ गया।
रिहंद बांध के अधिशासी अभियंता इं. शशिकांत राय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में जून के दौरान अच्छी बारिश से जलाशय का स्तर सामान्य स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन इस वर्ष अपेक्षित वर्षा नहीं होने से जलस्तर तेजी से गिरा है। हालांकि बीती रात कैचमेंट क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश से जलस्तर में लगभग तीन इंच की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कुछ राहत मिली है।
कनहर बांध में बढ़ी पानी की आवक, तीन फाटक खोले गए
वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर कनहर बांध पर देखने को मिला है। बांध में तेजी से बढ़ती पानी की आवक के चलते बृहस्पतिवार शाम तक जलस्तर बढ़कर 260.500 मीटर पहुंच गया। स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने एहतियातन बांध के तीन फाटक खोल दिए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी का सुरक्षित निकास किया जा सके और बांध पर दबाव न बढ़े।
अवर अभियंता नंदलाल यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण कनहर नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बांध में लगातार पानी पहुंच रहा है। तीन फाटक खोले जाने के बाद कनहर नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है, जिससे बांध में जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है।


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