सीनियर अफसर बनकर साइबर ठगी: नई अकाउंटेंट से 1.47 लाख रुपये ऐंठे, कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
वाराणसी :- नई नौकरी शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद एक युवती साइबर ठगों के झांसे में आ गई और 1.47 लाख रुपये से अधिक की ठगी का शिकार हो गई। ठग ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर विश्वास हासिल किया और फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज दिखाकर अलग-अलग माध्यमों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। मामले में कैंट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फोन कर खुद को बताया कंपनी का सीनियर
पीड़िता प्रिया तिवारी, मूल निवासी बलिया, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 13 मार्च 2026 को नदेसर स्थित एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। 7 अप्रैल की सुबह उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी "प्रांजल" बताते हुए कहा कि नेटवर्क की समस्या के कारण वह दूसरे नंबर से बात कर रहा है।
फर्जी मैसेज दिखाकर जीता भरोसा
आरोपी ने दावा किया कि उसने प्रिया के खाते में 55 हजार और 25 हजार रुपये भेज दिए हैं। इसी दौरान उनके मोबाइल पर खाते में रकम जमा होने जैसा एक फर्जी टेक्स्ट मैसेज भी पहुंचा, जिससे उन्हें कॉल करने वाले की बात पर भरोसा हो गया। इसके बाद उसने वह रकम तुरंत दूसरे नंबर पर भेजने के लिए कहा।
कई माध्यमों से ट्रांसफर कराए रुपये
प्रिया ने पहले फोनपे के जरिए पैसे भेजे। इसके बाद आरोपी ने तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट समेत अन्य माध्यमों से भी भुगतान कराने को कहा। उसके झांसे में आकर प्रिया ने कुल 1,47,147 रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ट्रांसफर कर दिए।
ऑफिस पहुंचने पर खुली ठगी की पोल
रकम भेजने के बाद आरोपी ने सभी ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। कार्यालय पहुंचने पर प्रिया को पता चला कि जिस व्यक्ति ने खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताया था, वह कंपनी से जुड़ा ही नहीं था, बल्कि साइबर ठग था। इसके बाद उन्होंने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कर रही जांच
कैंट थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर ठगी के इस मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

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