वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी ने स्वच्छ व हरित विद्यालयों के उत्कृष्ट प्रधानाचार्यों का किया सम्मान, बच्चों के मॉडल देख बढ़ाया उत्साह, 15 शिक्षाकर्मियों को दिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड
वाराणसी, 8 जुलाई :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तर प्रदेश के 12 प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा तैयार किए गए नवाचार मॉडल का अवलोकन किया, उनसे संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए चॉकलेट भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने साथ ही मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के अंतर्गत 15 लाभार्थियों को चिकित्सा कार्ड भी प्रदान किए।स्वच्छ व हरित विद्यालयों को मिला सम्मानमुख्यमंत्री ने उन 12 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया, जिन्हें स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, शौचालय, हाथ धुलाई, रखरखाव और बेहतर विद्यालयीय वातावरण विकसित करने के उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया है।बच्चों के मॉडल देख की सराहनाकार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे बच्चों की प्रदर्शनी में पहुंचे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार किए गए विज्ञान एवं शैक्षिक मॉडलों का बारीकी से अवलोकन किया, उनके कार्य की जानकारी ली और बच्चों से उनके नाम, कक्षा तथा मॉडल की विशेषताओं के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों का भी उत्साह बढ़ाया और उन्हें चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया।निपुण भारत अभियान की उपलब्धियों का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि निपुण भारत अभियान के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा तीन के बच्चे आत्मविश्वास के साथ पढ़ने, लिखने और वाक्य निर्माण में दक्ष दिखाई दिए। साथ ही उनकी भाषा और गणितीय समझ भी बेहतर हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप दक्ष और आत्मनिर्भर बनाना है, क्योंकि मजबूत राष्ट्र की नींव मजबूत शिक्षा से ही तैयार होती है।
एसबीआई और शिक्षा विभाग के बीच हुआ एमओयू
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया गया। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा तथा एसबीआई लखनऊ सर्किल के सीजीएम दीपेश राज ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।
इन प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को किया गया सम्मानित
सम्मानित होने वालों में संभल के कपिल कुमार मलिक, पीलीभीत के मनीष कुमार, चित्रकूट के हरिशंकर त्रिपाठी, बरेली के राजीव सिंह, बदायूं की संगीता शर्मा, रायबरेली के आशीष प्रताप सिंह, सहारनपुर के संजीव कुमार, श्रावस्ती की कैसर जहां, जालौन की वंदना वर्मा, प्रयागराज के जावेद खान, वाराणसी के जवाहर नवोदय विद्यालय गजोखर के नागेश कुमार मिश्र तथा मेरठ की डॉ. ऋतु दीवान शामिल रहीं।
15 लाभार्थियों को मिले कैशलेस चिकित्सा कार्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत 15 लाभार्थियों को चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा शिक्षकों के परिवार के सदस्य भी शामिल रहे।
बेसिक शिक्षा विभाग से लाभार्थी
- सारिका साकोरिकर (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय डुमरी, काशी विद्यापीठ)
- अरविंद सिंह (कंपोजिट विद्यालय अइली, चिरईगांव)
- कुसुम देवी (शिक्षामित्र, प्राथमिक विद्यालय परिजनपुर, आराजी लाइन)
- अनुराधा कुशवाहा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुर्दहा, हरहुआ)
- सोनी (रसोइया, प्राथमिक विद्यालय दशनीपुर, हरहुआ)
- कल्पना (पूर्णकालिक शिक्षिका, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नगर क्षेत्र, वाराणसी)
माध्यमिक शिक्षा विभाग से लाभार्थी
शालिनी कुमारी (निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज)
दीपक पटेल (श्री अंबिका प्रसाद सिंह इंटर कॉलेज)
नीरज कुमार (सुभद्रा कुमारी इंटर कॉलेज)
सरफुद्दीन (ए.ओ. मुस्लिम इंटर कॉलेज)
आशुतोष मिश्र (श्री अन्नपूर्णा ब्रह्मचर्य ऋषिकुल आश्रम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय)
शिक्षक परिवार के चार सदस्यों को भी मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने प्राथमिक विद्यालय जाल्हूपुर प्रथम, चिरईगांव के सहायक अध्यापक नरेंद्र कुमार मौर्य के परिवार को भी चिकित्सा कार्ड प्रदान किए। परिवार के चार सदस्यों—नरेंद्र कुमार मौर्य, उनकी पत्नी राजकुमारी मौर्य, पिता सुरेश कुमार मौर्य और माता राजेश्वरी मौर्य—को योजना का लाभ देकर पारिवारिक स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और बच्चों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा ऐसी योजनाओं के माध्यम से विद्यालयों और शिक्षकों को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।







No comments