रिटायरमेंट से पहले रिश्वतखोरी में फंसा कैंट थाने का क्लर्क, 20 हजार रुपये लेते एंटी करप्शन ने दबोचा
वाराणसी :- कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक (क्लर्क) अब्दुल रहमान अंसारी को एंटी करप्शन संगठन ने 20 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक व्यक्ति का नाम गुंडा एक्ट रजिस्टर से हटाने के बदले यह रकम मांगी थी। सेवानिवृत्ति से महज 13 दिन पहले हुई इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।जानकारी के अनुसार, सदर बाजार निवासी सारिक शाह ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि कैंट थाने में तैनात क्लर्क अब्दुल रहमान अंसारी गुंडा एक्ट रजिस्टर से नाम हटाने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया।
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता आरोपी से मिलने जेएचवी मॉल के पास पहुंचा। दोनों एक चाय की दुकान पर बैठे, जहां शिकायतकर्ता ने तय रकम से भरा लिफाफा आरोपी को सौंप दिया। जैसे ही उसने रुपये अपने पास रखे, पहले से निगरानी कर रही एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि आरोपी ने भागने का प्रयास भी किया, लेकिन टीम ने तुरंत उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को लालपुर-पांडेयपुर थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।
अब्दुल रहमान अंसारी जौनपुर जिले के केराकत क्षेत्र के नरहन गांव का निवासी है। बताया जाता है कि उसने करीब दो दशक पहले सेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद पुलिस विभाग में नौकरी शुरू की थी। वर्ष 2006 से वह कैंट थाने में उर्दू अनुवादक के पद पर कार्यरत था और 31 जुलाई 2026 को उसकी सेवानिवृत्ति प्रस्तावित है। रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले हुई गिरफ्तारी विभाग में चर्चा का विषय बनी हुई है।
एंटी करप्शन संगठन अब यह भी जांच कर रहा है कि आरोपी ने पहले भी किसी अन्य व्यक्ति से इसी तरह रिश्वत की मांग या अवैध वसूली की थी या नहीं। जांच में नए तथ्य मिलने पर उसके खिलाफ अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।
चार महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाली थीं जीएसटी अफसर अंबिका सिंह
50 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार जीएसटी (राज्य) सेक्टर-6 की उपायुक्त अंबिका सिंह को बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की वाराणसी इकाई ने दादा रेस्टोरेंट के पास 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में बजरडीहा के लखरांव निवासी एवं ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फरवरी 2023 के जीएसटी रिटर्न और राज्य जीएसटी आकलन से संबंधित कंपनी की फाइल के स्पष्टीकरण और निस्तारण के लिए उपायुक्त लगातार 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। अंबिका सिंह की सेवानिवृत्ति में भी महज चार महीने शेष थे।


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