अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में वाराणसी कनेक्शन, सिक्योरिटी एजेंसी की संदिग्ध भूमिका की जांच तेज
चीफ मैनेजर के अनुरोध पर हुई थी भर्ती
वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के संचालक गौरव सिंह के अनुसार उनकी एजेंसी ने कुल 22 कर्मचारियों की भर्ती हाउसकीपिंग कार्य के लिए की थी। उनका दावा है कि यह भर्ती एसबीआई अयोध्या के तत्कालीन चीफ मैनेजर के अनुरोध पर की गई थी। एजेंसी के मुताबिक भर्ती के बाद सभी कर्मचारियों को एसबीआई के सुपुर्द कर दिया गया और आगे उनसे किस प्रकार का कार्य लिया गया, इसकी जानकारी एजेंसी के पास नहीं थी।मैनेजर ने उपलब्ध कराई थी कर्मचारियों की सूची
गौरव सिंह का कहना है कि जिन 22 लोगों की भर्ती की गई, उनकी सूची और बायोडाटा भी एसबीआई शाखा की ओर से उपलब्ध कराए गए थे। उनका दावा है कि सूची में शामिल अधिकांश लोग पहले से किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से कार्यरत थे, लेकिन बैंक अधिकारियों के अनुरोध पर उन्हें सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज के माध्यम से नियुक्त किया गया।
आठ आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में एसआईटी ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू', मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर मिश्रा और करुणेश पांडेय को गिरफ्तार किया है। इनमें से छह आरोपियों की भर्ती वाराणसी की इसी एजेंसी के माध्यम से होने की बात सामने आई है।
एजेंसी ने जिम्मेदारी से किया इनकार
एजेंसी संचालक का कहना है कि उनकी कंपनी देश के आठ राज्यों में हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी और कैश लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है तथा करीब 2000 कर्मचारी विभिन्न संस्थानों में कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी एजेंसी मंदिरों के लिए सीधे कोई टेंडर नहीं लेती। उनका कहना है कि हाउसकीपिंग के लिए नियुक्त कर्मचारियों से बाद में किस प्रकार का कार्य कराया गया, इसकी न तो उन्हें जानकारी थी और न ही एजेंसी की उसमें कोई भूमिका थी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और एसआईटी पूरे घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।



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