वाराणसी में फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर, घाटों पर बढ़ाई गई सतर्कता; कई घाटों का संपर्क टूटने की आशंका
वाराणसी :- गंगा के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज होने के बाद वाराणसी में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। नदी का पानी लगातार तटवर्ती इलाकों की ओर बढ़ रहा है, जिससे कई प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से गंगा किनारे विशेष सावधानी बरतने और निर्धारित सीमाओं के भीतर ही रहने की अपील की है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह तक गंगा का जलस्तर 61.05 मीटर पर था, लेकिन दिन ढलने के साथ इसमें फिर वृद्धि शुरू हो गई। बढ़ते जलस्तर का असर घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है और कई स्थानों पर पानी सीढ़ियों तक पहुंच गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो कई घाटों का आपसी संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।
दशाश्वमेध, शीतला, मुंशी, पंचगंगा, तुलसी और अस्सी समेत प्रमुख घाटों पर स्नान के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है। राजघाट से अस्सी घाट तक जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
जल पुलिस के अधिकारियों के अनुसार नाव संचालन पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। बड़ी नावों में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है और नाविकों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे गहरे पानी में उतरने से बचें, बैरिकेडिंग पार न करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या राहत टीम को सूचना दें। जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर संबंधित विभाग चौबीसों घंटे निगरानी रखे हुए हैं।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार आगे के कदम उठाए जाएंगे।

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