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    राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट सख्त, व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी

    अयोध्या :- राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई अहम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ट्रस्ट अब चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया को नए सिरे से व्यवस्थित कर रहा है। जानकारी के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ किसी अन्य बैंक को भी इस व्यवस्था से जोड़ने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

    गिनती की व्यवस्था में बदलाव

    घटना के बाद ट्रस्ट ने गिनती से जुड़े पुराने कर्मियों को हटाकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गणना बैंक अधिकारियों और अधिकृत कर्मचारियों की निगरानी में कराई जा रही है। साथ ही गिनती की प्रक्रिया को दो अलग-अलग शिफ्टों में संचालित किया जा रहा है, ताकि निगरानी और जवाबदेही बेहतर हो सके।

    SBI के साथ मौजूदा व्यवस्था की होगी समीक्षा

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट अब एसबीआई के साथ हुए समझौते की समीक्षा करेगा। अब तक मंदिर में प्राप्त पूरा चढ़ावा एसबीआई की अयोध्या शाखा में जमा किया जाता रहा है। लेकिन हालिया मामले में बैंक से जुड़े कुछ कर्मियों के नाम सामने आने के बाद ट्रस्ट पूरे सिस्टम का पुनर्मूल्यांकन करने की तैयारी में है। जल्द ही वित्त समिति और बैंक अधिकारियों के बीच बैठक होने की संभावना है।

    जांच में आठ लोगों के नाम आए

    मामले की जांच में अब तक आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें छह बैंक से जुड़े कर्मचारी और दो ट्रस्ट से जुड़े कर्मी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, महाकुंभ के दौरान नकदी गिनने के कार्य के लिए बैंक द्वारा एक एजेंसी नियुक्त की गई थी और गिरफ्तार किए गए कर्मचारी उसी एजेंसी से जुड़े थे।

    ट्रस्ट ने जताई चिंता

    ट्रस्ट का मानना है कि चढ़ावे की सुरक्षा और गिनती से संबंधित तय व्यवस्थाओं के पालन में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है। इसी कारण पूरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

    एक से अधिक बैंक को मिल सकती है जिम्मेदारी

    सूत्रों के अनुसार, भविष्य में चढ़ावे की गिनती और जमा प्रक्रिया में एक से अधिक बैंकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे किसी एक संस्था पर निर्भरता कम होगी और पूरी व्यवस्था में अतिरिक्त निगरानी एवं पारदर्शिता आएगी। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की वित्त समिति की बैठक के बाद ही लिया जाएगा।

    पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर जोर

    राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु चढ़ावा अर्पित करते हैं। इसे देखते हुए ट्रस्ट ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे गिनती, सुरक्षा और बैंकिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बने तथा भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना न्यूनतम रहे।


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