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    वाराणसी गंगा में दौड़ने लगीं इलेक्ट्रिक नावें, नमो घाट से हुई नई पहल की शुरुआत

    वाराणसी :- गंगा में स्वच्छ और आधुनिक जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने गेल (इंडिया) के सहयोग से इलेक्ट्रिक बोट कन्वर्जन पायलट परियोजना के तहत नमो घाट से पांच इलेक्ट्रिक नावों का संचालन शुरू कराया। कार्यक्रम का शुभारंभ मेयर अशोक कुमार तिवारी ने हरी झंडी दिखाकर किया।

    इस अवसर पर उन नाविकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी पारंपरिक नावों को इलेक्ट्रिक प्रणाली में परिवर्तित कराया है। दीपक साहनी, राकेश साहनी, ज्योतिलाल निषाद, दीपक कुमार साहनी और शुभम साहनी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। नाविकों ने इस पहल को गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और अपनी आजीविका के लिए लाभकारी बताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

    वीडीए के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में कुल 20 नावों को इलेक्ट्रिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में बड़ी संख्या में पारंपरिक नावों को भी इलेक्ट्रिक प्रणाली में बदला जाएगा, जिससे गंगा में प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण के अनुकूल जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

    लोकार्पण के बाद अतिथियों ने इलेक्ट्रिक नाव से नमो घाट से भदैनी घाट तक यात्रा कर इसकी सुविधाओं और संचालन व्यवस्था का अनुभव लिया। कार्यक्रम में गेल (इंडिया) के महाप्रबंधक सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

    आधुनिक तकनीक से लैस हैं नावें

    आयरा इलेक्ट्रिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गगन कुमार मेहता ने बताया कि प्रत्येक इलेक्ट्रिक नाव में 15 किलोवाट क्षमता की आउटबोर्ड इलेक्ट्रिक मोटर, 20 किलोवाट का लिथियम बैटरी पैक, ईवी चार्जिंग सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले, जीपीएस ट्रैकिंग और रिमोट मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    उन्होंने बताया कि एक बार चार्ज होने पर प्रत्येक नाव अस्सी घाट और नमो घाट के बीच कम से कम तीन राउंड ट्रिप पूरी कर सकती है। इसके साथ ही चयनित घाटों पर इलेक्ट्रिक नावों के लिए मानकों के अनुरूप चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके।


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