NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
वाराणसी :- नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस ने भी छात्रों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की है। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नीट परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। कांग्रेस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिससे कई छात्र-छात्राएं घायल हुए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने राष्ट्रपति को सौंपे ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखीं—
- -नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
- जंतर-मंतर पर कथित पुलिस कार्रवाई में घायल छात्र-छात्राओं को मुआवजा प्रदान किया जाए।
- प्रदर्शन के दौरान महिला अभ्यर्थियों के साथ कथित अभद्रता और बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
- केंद्र सरकार की भूमिका को लेकर राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग भी ज्ञापन में उठाई गई।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। उनका आरोप है कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने कहा कि वह छात्रों के अधिकारों और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।

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