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    काशी में सावन के अंतिम सोमवार पर उमड़ा आस्था का सैलाब, रात से लगी भक्तों की कतार; 12 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

    वाराणसी :-
    सावन के अंतिम सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए काशी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार देर रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद बाबा के दर्शन के लिए बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे। श्रद्धालुओं में बाबा का जलाभिषेक कर सावन के अंतिम सोमवार का पुण्य अर्जित करने को लेकर खास उत्साह नजर आया। सोमवार सुबह मंगला आरती के बाद बाबा के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू होगा।

    सावन के अंतिम सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। रविवार शाम पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मैदागिन से गोदौलिया तक पैदल मार्च कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान डीआईजी शिवहरी मीणा, डीसीपी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर, एसीपी डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

    पैदल मार्च के दौरान पुलिस कमिश्नर ने श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अंतिम सोमवार पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और भीड़ का संचालन सुचारु तरीके से किया जाए।

    पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार पर करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के काशी पहुंचने का अनुमान है। इससे पहले सावन के सोमवारों पर भी करीब नौ से 10 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इसी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।

    सुरक्षा व्यवस्था के तहत संवेदनशील स्थानों पर एटीएस, क्यूआरटी और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय किया गया है। पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार करने और उन्हें किसी तरह की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए गए हैं।

    प्रयागराज संगम से गंगाजल लेकर काशी पहुंच रहे कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए मार्ग में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब हर दो किलोमीटर पर पुलिस चौकी, विश्राम स्थल और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर भीड़ की निगरानी के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ बढ़ने की स्थिति में निर्धारित रूट और बैरिकेडिंग व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को आगे बढ़ाया जाएगा। प्रमुख मंदिर मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार पुलिस गश्त जारी रहेगी।

    सावन के अंतिम सोमवार पर काशी में एक ओर जहां बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। प्रशासन का प्रयास है कि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा का दर्शन-पूजन कर सकें और सावन के अंतिम सोमवार का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

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