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    वाराणसी: दालमंडी में मकान टूटने के बाद भी नहीं मिलेगी राहत, 293 बकाएदारों से वसूले जाएंगे 6.70 करोड़

    • चौड़ीकरण के बीच बिजली विभाग ने तेज किया वसूली अभियान, 254 उपभोक्ताओं पर 5.79 करोड़ का बकाया; बिजली चोरी के 29 मामलों में भी होगी कार्रवाई.....

    वाराणसी :- पूर्वांचल की प्रमुख थोक मंडियों में शामिल दालमंडी में चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही बिजली विभाग ने बकाएदारों के खिलाफ वसूली अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने क्षेत्र के 293 बकाएदारों से करीब 6.70 करोड़ रुपये की बकाया राशि वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए बकाएदारों की सूची तैयार कर ली गई है और जल्द ही संबंधित परिसरों पर नोटिस चस्पा किए जाएंगे।

    बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि चौड़ीकरण के दौरान यदि किसी भवन को ध्वस्त भी कर दिया जाता है, तो उससे जुड़ा बिजली का बकाया समाप्त नहीं होगा। उपभोक्ता के नाम दर्ज बकाया राशि की वसूली नियमानुसार जारी रहेगी। विभाग ने लोगों से किसी तरह के भ्रम में न रहने की अपील की है।

    254 उपभोक्ताओं पर 5.79 करोड़ रुपये बकाया

    जानकारी के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र के 254 बिजली उपभोक्ताओं पर कुल 5.79 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसके अलावा बिजली चोरी से जुड़े 29 मामलों में भी राजस्व वसूली की प्रक्रिया चल रही है। इन मामलों में विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

    बकाएदारों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। विभागीय कर्मचारी संबंधित परिसरों पर नोटिस चस्पा कर बकाया राशि जमा करने के लिए सूचित करेंगे।

    बिजली विभाग ने गठित की विशेष टीम

    नगरीय विद्युत वितरण खंड, चौकाघाट के अधिशासी अभियंता सौरभ कुमार के अनुसार, दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना अंतिम चरण में है। ऐसे में लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की सूची तैयार कर वसूली अभियान शुरू किया गया है।

    इसके लिए विभाग ने अलग से टीम गठित की है। टीम का काम बकाएदारों को नोटिस देने के साथ ही राजस्व वसूली की कार्रवाई करना होगा।

    मकान ध्वस्त होने के बाद भी देना होगा बकाया

    अधिशासी अभियंता ने बताया कि बिजली चोरी से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (आरसी) जारी कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी के मुकदमे और बिजली बिल का बकाया अलग-अलग श्रेणी में दर्ज होते हैं। इसलिए दोनों मामलों में नियमानुसार अलग-अलग कार्रवाई की जाएगी।

    विभाग के अनुसार, कुछ लोगों में यह भ्रम है कि चौड़ीकरण के दौरान मकान ध्वस्त हो जाने के बाद उस पर दर्ज बिजली का बकाया स्वतः समाप्त हो जाएगा। ऐसा नहीं है। उपभोक्ता के नाम दर्ज बकाया राशि की देनदारी बनी रहती है और भवन के ध्वस्त होने के बावजूद नियमानुसार उसकी वसूली की जा सकती है।

    अब तक 81 भवन और छह धार्मिक स्थल हटाए गए

    गौरतलब है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत अब तक 81 भवन और छह धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है। सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ने के साथ अब राजस्व और बिजली विभाग भी लंबित बकाया राशि की वसूली में जुट गए हैं।

    चौड़ीकरण के बीच बिजली विभाग की इस कार्रवाई से बकाएदार उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विभाग ने संकेत दिया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत बकाया राशि की वसूली को आगे भी जारी रखा जाएगा।


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