वाराणसी में फिर तेजी से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर, 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चढ़ रहा पानी; घाटों की सीढ़ियां डूबीं
वाराणसी :- गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार, 29 अगस्त को दोपहर 12 बजे तक राजघाट पर गंगा का जलस्तर 68.16 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश और प्रयागराज से लेकर वाराणसी तक गंगा के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश के चलते आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
घाटों की निचली सीढ़ियां पानी में डूबीं
प्रशासन और जल पुलिस अलर्ट
जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और जल पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों की ओर से लोगों को गंगा में उतरने और गहरे पानी की ओर जाने से बचने की अपील की जा रही है। नाविकों और घाट पर मौजूद अन्य लोगों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में बढ़ा पानी का दायरा
दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में बढ़ते पानी के कारण घाट और आसपास के कई हिस्से जलमग्न नजर आने लगे हैं। घाट किनारे खड़ी नावों के आसपास भी पानी का स्तर बढ़ गया है। गंगा का पानी लगातार ऊपर आने से घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नाविकों और घाट कारोबारियों पर असर
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर घाटों से जुड़े कारोबार पर भी पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा कारणों से नौका संचालन प्रभावित होने के कारण नाविकों की रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। वहीं घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने से फूल-माला, पूजा सामग्री और अन्य छोटे कारोबार करने वाले दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
बारिश बढ़ी तो और बढ़ सकता है जलस्तर
प्रयागराज और वाराणसी सहित गंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंगा के जलस्तर में आगे भी वृद्धि की संभावना बनी हुई है। मौसम में बदलाव और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।
अधिकारियों ने तटीय और घाट क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। गंगा के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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