वाराणसी में मूसलाधार बारिश से शहर बेहाल, बीएचयू अस्पताल से सड़कों तक जलभराव; पांच की मौत
वाराणसी में सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने मंगलवार को शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। करीब 12 घंटे में 119.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने से कई इलाके जलमग्न हो गए। बीएचयू अस्पताल परिसर, लंका, गिरजाघर, नई सड़क और गोदौलिया समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।सबसे ज्यादा मुश्किल मरीजों और उनके तीमारदारों को हुई। बीएचयू अस्पताल में ओपीडी और इमरजेंसी तक जाने वाले रास्तों पर एक फीट से अधिक पानी जमा रहा। जलभराव के कारण स्ट्रेचर और व्हीलचेयर तक पहुंचाना मुश्किल हो गया और कई लोगों को मरीजों को कंधे पर लेकर अस्पताल तक पहुंचना पड़ा।भारी बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की जान चली गई। चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में तेज बारिश के कारण करीब 12 फुट ऊंची दीवार ढह गई। इसके मलबे में दबकर वहां तिरपाल के नीचे रह रहे 62 वर्षीय रवींद्र नाथ मिश्रा और उनकी 55 वर्षीय पत्नी प्रतिमा मिश्रा की मौत हो गई।वहीं, बारिश के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हुई। लल्लापुरा के काजीपुर खुर्द में सजावट के दौरान 17 वर्षीय अनस करंट की चपेट में आया। उसे बचाने पहुंचे उसके 45 वर्षीय पिता सलीमुद्दीन भी करंट की चपेट में आ गए। दोनों की मौत हो गई। इसके अलावा कालीमहल तिराहे पर वाटर कूलर से करंट उतरने के कारण 50 वर्षीय त्रिलोकी मोदनवाल की जान चली गई।लगातार बारिश का असर बिजली आपूर्ति और यातायात पर भी पड़ा। प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की रफ्तार थम गई, जबकि निचले इलाकों में हालात और खराब रहे। प्रशासन के सामने जलनिकासी के साथ बिजली और यातायात व्यवस्था सामान्य रखने की चुनौती बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से वातावरण में नमी बनी हुई है। अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से वातावरण में नमी बनी हुई है। अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।







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