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| (सांकेतिक तस्वीर) |
वाराणसी :- पांडेयपुर की नई बस्ती में एक महिला अधिवक्ता के मकान में कथित रूप से देह व्यापार संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दो युवतियों और दो ग्राहकों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक युवती के नाबालिग होने की बात सामने आई है, जिसकी उम्र की पुलिस पुष्टि कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, फ्रीडम फॉर्म नामक एनजीओ से इस संबंध में शिकायत मिली थी। सूचना में आरोप लगाया गया था कि मकान में नाबालिग को भी कथित गतिविधि में शामिल किया जा रहा है। शिकायत की सत्यता जांचने के लिए एसीपी कैंट के निर्देश पर एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा गया।
बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी से पांच हजार रुपये की मांग की गई और दो हजार रुपये में सौदा तय होने की जानकारी उसने अधिकारियों को दी। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की टीम के साथ मकान पर दबिश दी गई। तलाशी के दौरान कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिलने की भी बात कही जा रही है।
छापेमारी में मिली दोनों युवतियों में से एक की उम्र कम होने का संदेह है। पुलिस उसकी आयु का सत्यापन कराने के साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि वह कथित गतिविधि में किस तरह शामिल हुई। नाबालिग की पुष्टि होने पर बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि मकान में बड़ी संख्या में कुत्ते पाले गए थे। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आखिर इतने कुत्ते रखने के पीछे क्या वजह थी और क्या इसका कथित गतिविधि से कोई संबंध था।
कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान लालपुर थाने की स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। कार्रवाई के बाद पांडेयपुर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अब हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधि के संचालन की अवधि के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और आयु तथा अन्य कानूनी पहलुओं की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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