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| (सांकेतिक तस्वीर) |
वाराणसी :- मोहर्रम की अकीदत और गमगीन माहौल के बीच गुरुवार को वाराणसी में कदीमी दुलदुल-पचासा का जुलूस निकाला गया। दोषीपुरा स्थित इमामबाड़े से निकले इस ऐतिहासिक जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और हजरत इमाम हुसैन व शहीदाने कर्बला को याद करते हुए अकीदत पेश की।
जुलूस में दुलदुल और पचासा की जियारत के लिए अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। मातमी माहौल के बीच लोग नोहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए जुलूस के साथ आगे बढ़े। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने खड़े होकर जियारत की और धार्मिक रस्मों में हिस्सा लिया।
वाराणसी में दुलदुल का यह कदीमी जुलूस मोहर्रम की पुरानी धार्मिक परंपराओं में शामिल है। हर वर्ष बड़ी संख्या में अकीदतमंद इसमें शामिल होकर कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने की व्यवस्था की गई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ा।
इस दौरान अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। गम और अकीदत के माहौल में निकला कदीमी दुलदुल-पचासा का जुलूस वाराणसी की धार्मिक परंपरा, आस्था और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता नजर आया।
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