हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजी काशी :- बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ा जनसैलाब, ड्रोन, CCTV और सुरक्षा बल रहे मुस्तैद, NDRF भी अलर्ट
सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुई काशी, बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब; पुष्पवर्षा से हुआ श्रद्धालुओं का स्वागत...
सावन के पहले सोमवार पर प्रशासन रहा मुस्तैद, डीएम-सीपी ने काशी विश्वनाथ धाम का किया निरीक्षण, श्रद्धालुओं से मिलकर दी शुभकामनाएं.....
वाराणसी :- सावन मास के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवभक्ति में सराबोर हो गई। श्रावण के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के मंगला आरती के बाद जैसे ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खुले, पूरा धाम 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों में बाबा के जलाभिषेक और दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।पुष्पवर्षा कर किया गया श्रद्धालुओं का अभिनंदन.
सावन के पहले सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत विशेष अंदाज में किया गया। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्र ने धाम परिसर में भक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्ति एवं उल्लास से भर गया।इसके बाद मंडलायुक्त ने बाबा काशी विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए की गई सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।तीन किलोमीटर तक लगी कतारें, छह प्रवेश द्वारों से कराया जा रहा दर्शनभोर से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मंदिर के बाहर करीब तीन किलोमीटर तक लाइन लगी रही। भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने छह प्रमुख प्रवेश द्वारों से श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश दिलाने की व्यवस्था की, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही।सुरक्षा के रहे अभूतपूर्व इंतजामसावन मेले और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। गंगा नदी के बढ़े जलस्तर को ध्यान में रखते हुए घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है।घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित दायरे में स्नान एवं जल भरने की अपील की जा रही है। लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं की जा रही हैं। वहीं, श्री काशी विश्वनाथ धाम सहित संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चौबीसों घंटे की जा रही है।
वाराणसी :- सावन मास के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवभक्ति में सराबोर हो गई। श्रावण के प्रथम सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं और कांवरियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के मंगला आरती के बाद जैसे ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खुले, पूरा धाम 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों में बाबा के जलाभिषेक और दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।पुष्पवर्षा कर किया गया श्रद्धालुओं का अभिनंदन.
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| डीएम वह पुलिस कमिश्नर |
कांवरियों के लिए विशेष सुविधाएं, पुलिस को विनम्र व्यवहार के निर्देशपुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी श्रद्धालुओं और कांवरियों के साथ पूरी शालीनता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करें तथा उन्हें 'सर' और 'मैडम' कहकर संबोधित करें।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर कांवरियों के लिए अलग समर्पित लेन बनाई गई है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर, स्वास्थ्य सहायता केंद्र और शुद्ध पेयजल व भोजन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
उपद्रवियों पर रहेगी कड़ी नजरप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा की आड़ में हुड़दंग मचाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी भी प्रकार की उद्दंडता करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, नायब तहसीलदार तथा पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराने में जुटे हैं।




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