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    गंगा का जलस्तर घटने लगा, लेकिन निचले इलाकों में आफत बरकरार; एनडीआरएफ और जल पुलिस की 24 घंटे निगरानी

    वाराणसी :- गंगा के जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन तटवर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पानी घटने के बावजूद कई क्षेत्रों में जलभराव बना हुआ है, जिससे लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए राहत और बचाव दलों को अलर्ट रखा है।

    केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 13 सितंबर को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 68.72 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 71.262 मीटर से करीब 2.5 मीटर नीचे है। जलस्तर में करीब 20 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि पानी का स्तर नीचे जाने लगा है, लेकिन निचले इलाकों में जमा पानी की निकासी अभी चुनौती बनी हुई है।

    पानी घटा तो घाटों पर दिखने लगी सिल्ट और गंदगी

    गंगा का पानी उतरने के साथ ही घाटों और नदी किनारे के क्षेत्रों में मिट्टी और सिल्ट की मोटी परत जम गई है। कई स्थानों पर पानी के साथ बहकर आया कचरा और गंदगी भी दिखाई देने लगी है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ घाटों पर आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    एनडीआरएफ और जल पुलिस की गश्त जारी

    बाढ़ के हालात को देखते हुए एनडीआरएफ और जल पुलिस की 24 घंटे निगरानी और गश्त जारी है। राहत एवं बचाव दल संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए टीमें तैयार हैं। बाढ़ के कारण कई स्थानों पर नौका संचालन भी प्रभावित है और सुरक्षा को देखते हुए इसे बंद रखा गया है।

    गहरे पानी में जाने से लोगों को किया जा रहा सतर्क

    प्रशासन की ओर से घाटों और तटवर्ती इलाकों में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। पानी घटने के बावजूद नदी के किनारे फिसलन और गहराई का खतरा बना हुआ है। लोगों को गहरे पानी में जाने से बचने तथा बच्चों को नदी के आसपास अकेले न जाने देने की सलाह दी गई है।

    राहत कार्यों पर प्रशासन की नजर

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं। जरूरत के अनुसार प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को जलभराव वाले क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई करने और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

    बारिश हुई तो फिर बढ़ सकती है मुश्किल

    गंगा का जलस्तर भले ही फिलहाल घट रहा हो, लेकिन आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या दोबारा बढ़ सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से मौसम और नदी के जलस्तर पर नजर रखने तथा किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की अपील की है।

    फिलहाल गंगा के जलस्तर में गिरावट राहत की खबर है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का असर पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें स्थिति सामान्य होने तक लगातार निगरानी बनाए रखेंगी।


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